Friday, August 28, 2009

डूब गया कारोबार, नहीं कोई पुरसाहाल

सत्येंद्र प्रताप सिंह / मुरलीगंज (मधेपुरा)

बिहार में मधेपुरा जिले का मुरलीगंज बाजार कोसी क्षेत्र का ऐसा बाजार है जहां कोलकाता, दिल्ली सहित अन्य शहरों से सीधे कारोबार होता है। बाढ़ के बाद यहां सन्नाटे जैसा है।
कारोबारियों के चेहरे पर बाढ़ का दर्द साफ पढ़ा जा सकता है। वहीं जूट मंडी के 85 फीसदी कारोबारी, इलाका छोड़कर चले गए हैं। बचे कारोबारियों को भी पूछने वाला यहां कोई नहीं है।
मुरलीगंज बाजार में 22 अगस्त 2008 की रात को पानी घुसा। तबाही का मंजर ऐसा था कि मुख्यमंत्री ने अखबारों के माध्यम से अपील की कि सभी लोग इलाका खाली कर दें और संपत्ति का मोह छोड़कर इलाका खाली कर अपनी जान बचाएं। इस कवायद के तहत यहां का बाजार पूरी तरह से खाली करा लिया गया था।
मुरलीगंज बाजार में कुल 1,734 कारोबारी हैं। वहीं करीब 100 कारोबारियों की पूंजी एक करोड़ रुपये से ज्यादा की है। आकलन के मुताबिक इस बाजार में बाढ़ से कुल 19,96,79,587 रुपये का नुकसान हुआ है। यहां रोजाना औसतन 50 करोड़ रुपये का कारोबार होता था।
मुरलीगंज के काशीपुर रोड की ही मिसाल लें तो यहां से रोजाना 2 से 3 करोड़ रुपये का जूट कोलकाता भेजा था। बाद में किसानों की जूट की खेती चौपट हो गई और बाजार भी उजड़ गया। ट्रक, ट्रैक्टर और बैलगाड़ियों से जाम रहने वाली काशीपुर रोड की रोनक ही सूनी पड़ गई।
मुरलीगंज वार्ड नंबर-7 के किराना कारोबारी शिव कुमार भगत ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया,'इस बाजार से गेहूं, मूंग, मक्का, गुलाब बाग मंडी भेजा जाता है, जहां से माल दिल्ली, कोलकाता, कटक और बांग्लादेश सीमा तक भेजा जाता है। कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रियरंजन दासमुंशी के इलाके-कलियागंज में माल यहीं से जाता है।'
भगत ने कहा कि उन्हें तो दोहरी मार झेलनी पड़ी। पहले नेपाल के माओवादियों के डर से नेपाल से कारोबार छोड़कर भागना पड़ा, रिश्तेदारों की कोशिश से मुरलीगंज में कारोबार शुरू किया, उसे भी बाढ़ खा गई।
मुरलीगंज बाजार 200 साल पुराना है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बाजार पिछड़ता गया और बदहाल कानून व्यवस्था ने भी इसे प्रभावित किया। 3 साल से स्थिति में सुधार हो रहा था, लेकिन बाढ़ ने सब पर पानी फेर डाला।


कितना नुकसान हुआ मुरलीगंज में-

कारोबारियों की संख्या 1,734
क्षति राशि 19,96,79,587 रुपये
कर्ज़

कैश क्रेडिट अकाउंट 42,03,6,000 रुपये
प्रधानमंत्री रोज़गार योजना 1,16,84,400 रुपये
अन्य स्रोतों से 2,99,60,283
रुपये

मासिक आय 78,28,833 रुपये
बीमा राशि 5,34,49,000 रुपये
दावा राशि 4,46,19,449 रुपए


http://hindi.business-standard.com/hin/storypage.php?autono=22108

2 comments:

रंजीत said...

RJG prayojit rangadaree ke karan Murliganj se pahle hee kai vyabsayee palayan kar chuke hain,bankee kasar koshi ne pura ka diya. yah stithi tab hai jab Murliganj Bihar ka sab se jyada politically sensitive ilakaon me se ek hoga. Kahan gaye Murligang-madhepura ke Bhawaan banne wale Lalu ?

रंजीत said...

please RJD in liew of RJG in my earlier comment.