
शाकाहार तो ठीक है भइया। ज्यादातर भारतीय इसका समथॆन करते हैं। लेकिन इस तरह का शाकाहार? अगर ऐसा ही किया तब तो सड़क पर धूमने वाली गाय और बकरियां हमें नंगा कर देंगी।
सबकी अपनी अपनी सोच है, विचारों के इन्हीं प्रवाह में जीवन चलता रहता है ... अविरल धारा की तरह...










